उत्तर नारी डेस्क
कुंभ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस बार कुंभ मेले की व्यवस्था साल 2010 के कुंभ से भी ज्यादा मजबूत होगी साथ ही 2021 की तैयारीयों का केंद्र और राज्य सरकार ने भी जायजा ले लिया है। इस साल कुंभ के आयोजन में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर पूरा जोर रहेगा, विद्युत ऊर्जा का कम से कम केवल अति आवश्यक व्यवस्थाओं में ही इसका इस्तेमाल किया जाएगा। यूं तो कुंभ हर बारह वर्ष में एक बार होता है पर इस बार हरिद्वार एक वर्ष पूर्व यानी 2022 की जगह 2021 में हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुंभ में सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने 40 कंपनी पैरामिल्ट्री का आवंटन कर दिया है। 1 जनवरी को 5 पांच पैरामिल्ट्री कंपनी हरिद्वार पहुंच जाएंगी। जिसमें सीआरपीएफ और बीएसएफ की 2-2 और आईटीबीपी, एसएसबी और सीआइएसएफ की 1-1 टीमें शामिल होगी। 1 मार्च को 12 कंपनी पहुंचने वाली है। जिसमें सीआरपीएफ और बीएसएफ की 3-3 कंपनी और आईटीबीपी, एसएसबी और सीआइएसएफ की 2-2 कंपनी आनी तय है। अंतिम और चौथे चरण में 10 मार्च को सबसे अधिक 16 कंपनी हरिद्वार आएगी। जिसमें सीआरपीएफ की 4, बीएसएफ की 4 और एसएसबी और सीआइएसएफ की 3-3 टीमें और आईटीबीपी की 2 कंपनी शामिल होंगी। इनकी रहने की व्यवस्थाएं भी अभी से शुरू कर दी गई है।
कुंभ में एक जनवरी से पहुंचने वाली कंपनियां टेंट के बजाय स्थायी आवास में रहेगी। शहरी विकास की ओर से आवास की व्यवस्था की गई है। पहले पहुंचने वाली फोर्स को छह दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में आने वाली फोर्स को दो से तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आपको बता दें, कुंभ मेला अधिष्ठान ने स्वदेशी और ग्रीन कुंभ की थीम पर मेले के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। प्लास्टिक-पॉलीथिन मुक्त कुंभ मेला-2021 के आयोजन में ईको-फ्रेंडली इंतजामों पर रहेगा। साथ ही जनवरी 2021 से मई 2021 तक चलने वाले हरिद्वार कुंभ मेले में इस बार 16 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
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