उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखण्ड के एक और जांबाज लाल ने देशसेवा की राह में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। 13 असम रायफल के हवलदार रणबीर सिंह रावत सेलून मणिपुर में 27 जनवरी की सुबह पेट्रोलिंग में वापसी के दौरान आतंकी गुटों की गोली लगने से शहीद हो गए। हवलदार रणबीर सिंह रावत हल्द्वानी व मूल रूप से थराली के रहने वाले थे। शहीद हवलदार का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार को उनके हल्द्वानी स्थित निवास पहुंचा। जहां चित्रशिला घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर पुत्र मनीष एवं प्रियांशु ने शहीद रणबीर सिंह को मुखाग्नि दी। हवलदार रणबीर सिंह रावत अपने पीछे दो बच्चों, पत्नी और मां को बिलखता छोड़ गए हैं। वो आर्मी में 23 साल पहले भर्ती हुए थे।
बताया जा रहा है कि आतंकी हमले के वक्त रणवीर सिंह रावत सैनिक टुकड़ियों के साथ थे। तभी पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया। इस दौरान दुश्मनों से लोहा लेते समय रणवीर सिंह बाएं पैर में दो गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी जवान उनको अस्पताल लेकर गए। जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जवान की शहादत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची वहां कोहराम मच गया। परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। लोगों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला। शहीद रणबीर सिंह रावत का परिवार हल्द्वानी के पंचायत घर क्षेत्र में रहता है।
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