उत्तर नारी डेस्क
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) योग गुरु बाबा रामदेव के विवादित बयान से नाराज है और आईएमए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से रामदेव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आपको बता दें योग गुरु बाबा रामदेव की दो मिनट 19 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जहां ट्वीटर पर सर्वाधिक ट्रेंड हुए रामदेव बाबा का बयान एलोपैथी एक ऐसी स्टूपिड और दिवालिया साइंस है। पहले मोरोक्वीन फेल हुई, फिर रेमडेसिविर फेल हो गई, फिर इनके एंटीबायोटिक्स फेल हो गए, फिर स्टरॉयड इनके फेल हो गए, प्लाज्मा थेरेपी के ऊपर भी बैन लग गया। फेबिफ्लू दे रहे थे, वो भी फेल हो गई। जितनी भी दवाइयां दे रहे हैं। सब एक-एक करके फेल होती जा रही हैं, ये तमाशा हो क्या रहा है? जैसे बयान से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ी आपत्ति जताई है।
इसके साथ ही इस संदर्भ में बीते शनिवार को एक प्रेस रिलीज जारी कर आईएमए ने मांग की है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री या तो उनके आरोपों को मानते हुए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को खत्म कर दे या फिर उनके ऊपर महामारी रोग अधिनियम (Epidemic Diseases Act) के तहत मामला दर्ज किया जाए और मुकदमा चलाया जाए।
अब रामदेव के विवादित बयान के बाद आईएमए की नाराजगी जताने से बड़ा वर्ग रामदेव के समर्थन में आ गया है। तो वहीं सोशल मीडिया पर रामदेव के समर्थन में मुहिम चलने लगी है। जहां स्वयं योग गुरु बाबा रामदेव के बचाव में आचार्य बालकृष्ण भी खुलकर सामने आए हैं।
आचार्य बालकृष्ण ने बाबा रामदेव के समर्थन में कहा उनकी मंशा एलोपैथिक दवाओं पर टिप्पणी करने की नहीं थी। वो सिर्फ व्हाट्सएप मैसेज पढ़ रहे थे। मॉर्डन साइंस और अच्छे डॉक्टरों के खिलाफ उनकी गलत मंशा नहीं थी। बाबा रामदेव मॉर्डन साइंस एक प्रोग्रेसिव साइंस पर विश्वास करते हैं।
आपको बता दें आईएमए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से रामदेव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आईएमए ने रामदेव के बयान पर उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है।
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