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कोटद्वार : नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र ने मनाया अपना 23वाँ स्थापना दिवस

 उत्तर नारी डेस्क



नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र का 23वाँ स्थापना दिवस आज पदमपुर मोटाढांक, कोटद्वार में संस्था के अध्यक्ष अनुराग कंडवाल की अध्यक्षता में हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी मनमोहन काला तथा गेप्स की सांस्कृतिक प्रभारी रेखा ध्यानी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। सरस्वती वंदना कुमारी गुंजन, सोनाली एवं वैशाली द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और मंगलमय वातावरण प्रदान किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में अनुराग कंडवाल ने संस्था के संस्थापक एवं पूर्व अध्यक्षों के पदचिन्हों पर चलकर भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण का संकल्प दोहराया। उन्होंने युवाओं से एक संस्कारवान, समृद्ध एवं खुशहाल भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। मुख्य अतिथि समाजसेवी मनमोहन काला ने “सनातन संस्कृति ही विश्व की शांति दूत” विषय पर प्रभावकारी व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत रुचि और श्रद्धा के साथ सुना।

इस अवसर पर  संस्था की सदस्य कुमारी वैशाली को उनके द्वारा निरंतर संस्था के कार्यों में सहयोग के लिए वर्ष 2025 की जिलाध्यक्ष ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा “नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र” का समूह गान "हम नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र, राष्ट्र के हम नन्हे हाथ।

इन हाथों से हम बदलेंगे इस भारत का उन्नत माथ" ।। “जय भगवती देवी नमो वरदे”, “बद्रीनाथ विशंभरम” और अंत में वंदेमातरम् प्रस्तुत किया गया, जिससे समारोह देशभक्ति और अध्यात्म से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का संचालन कुमारी वैशाली एवं विपिन भंडारी ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर अनुराग कंडवाल, मनमोहन काला, अनिकेत, गुंजन, अनुज, रेखा ध्यानी, सोनाली, वैशाली, प्रेरणा, विपिन भंडारी, ऋषभ बूढ़कोटी एवं ईशान निराला एवं राम भरोसा कंडवाल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। अध्यक्ष अनुराग कंडवाल ने मुख्य अतिथि को गिलोय का पौधा भेंट कर हर्ष व्यक्त किया। समारोह का समापन जय मां दुर्गे एवं जय भवानी के जयकारों के साथ हुआ।

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