उत्तर नारी डेस्क
भारतीय सैन्य अकादमी से 491 सैन्य अफसर शनिवार को पास आउट होकर सेना का हिस्सा बन गए। इसमें देश भर के तमाम अफसरों के साथ ही उत्तराखण्ड के चमोली जिले के दो होनहार युवा शशांक बिष्ट और प्रवीण बिष्ट भी शामिल रहे। जो अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा के लिए तैयार हैं।
बता दें, शशांक बिष्ट का सफर चमोली जिले के गोपेश्वर से शुरू हुआ। उन्होंने यहीं से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और इसके बाद एनडीए और एसएसबी जैसी कठिन परीक्षाओं को पास करते हुए भारतीय सैन्य अकादमी तक का सफर तय किया। शशांक के पिता सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी होने के साथ-साथ खेती-बाड़ी भी संभालती है।
वहीं, प्रवीण बिष्ट ने अपनी शिक्षा देहरादून के क्लेमेंट टाउन क्षेत्र स्थित एक संस्थान से पूरी की। लेकिन उनका सपना शुरू से ही सेना में जाने का था। इस सपने को आकार देने में उन्हें अपने परिवार से खास प्रेरणा मिली। प्रवीण के पिता एक एक्स-सर्विसमैन हैं, जिन्होंने सेकंड गढ़वाल राइफल्स में सेवाएं दीं, जबकि उनके बड़े भाई वर्तमान में पांचवीं गढ़वाल में तैनात हैं।
इन दोनों युवाओं की खास बात यह है कि वे अपने-अपने परिवारों में पहले ऐसे सदस्य हैं, जो सैन्य अधिकारी बने हैं। इस उपलब्धि को लेकर उनके परिजनों में गर्व और खुशी का माहौल है।
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