उत्तर नारी डेस्क
पौराणिक परंपराओं के अनुसार बसंत पंचमी के पावन अवसर पर टिहरी के नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की तिथि तथा गाडू घड़ा (तीलो का तेल) यात्रा की तिथि का विधिवत ऐलान किया गया। राजदरबार में आयोजित भव्य समारोह में महाराजा ममुजेन्द्र शाह की जन्म कुंडली एवं ग्रह-नक्षत्रों की गणना कर राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने विधि-विधान पूर्वक तिथियों की घोषणा की।
राजपुरोहित ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध भगवान बद्री विशाल के कपाट आगामी 23 अप्रैल को प्रातः 6:15 बजे ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं, गाडू घड़ा यात्रा 7 अप्रैल से विधिवत आरंभ होगी। इससे पूर्व गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, सरस्वती पूजन एवं महाराजा की जन्म कुंडली का अध्ययन कर परंपरानुसार घोषणा की गई।
बाइट कृष्ण प्रसाद उनियाल राज पुरोहित श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि टिहरी नरेश महाराजा मनुजेन्द्र शाह द्वारा की गई उन्होंने बताया कि उनकी बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि 23 अप्रैल प्रातः 6बजकर15 मिनट पर खोले जाएंगे।जैसे ही कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की गई, पूरा राजदरबार “जय बद्री विशाल” के जयकारों से गूंज उठा। इससे पहले डिमर धार्मिक केंद्र पंचायत के प्रतिनिधियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ गाडू घड़ा राज परिवार को सौंपा।
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