उत्तर नारी डेस्क
जनवरी माह 2026 की शुरुआत पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सुखद समाचार लेकर आई है। पर्यटन नगरी मसूरी, धनोल्टी, चकराता, नाग टिब्बा सहित अनेक ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है। लंबे समय से शुष्क मौसम के कारण मायूस काश्तकारों, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों और आम जनमानस के लिए यह राहत भरी सौगात साबित हुई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान एक बार फिर सटीक साबित हुआ है। सुबह से ही मसूरी, लाल टिब्बा, धनोल्टी समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अभी तक जारी रहा।
सूचना मिलते ही मसूरी की ओर पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा और देखते ही देखते पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आईपर्यटक बर्फबारी का भरपूर आनंद लेते नजर आए। कई स्थानों पर बच्चों और युवाओं ने तस्वीरें खिंचवाईं और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। पर्यटन कारोबार से जुड़े होटल व्यवसायी, टैक्सी चालक, गाइड और दुकानदारों के चेहरे भी इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन से खिल उठे हैं। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय बाद मौसम ने पर्यटन सीजन को नई ऊर्जा दी है और आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस बारिश और बर्फबारी को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। काश्तकारों ने इस वर्ष बारिश की उम्मीदें लगभग छोड़ दी थीं। मटर, गेहूं समेत रबी फसलों और बागवानी से जुड़े सेब, आड़ू व अन्य फलों के पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच गए थे। ऐसे में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी ने किसानों को नई उम्मीद दी है। किसानों का कहना है कि यह सिर्फ पानी की बूंदें नहीं बल्कि उनकी फसलों के लिए सोना है। इससे नमी बढ़ेगी, पैदावार बेहतर होगी और आने वाले महीनों में खेतों व बागानों में फिर से हरियाली लौटेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा और हिमपात भूमि में नमी बनाए रखने के साथ-साथ जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करने में सहायक साबित होगा।
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