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ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस ने देश में पहला स्थान हासिल किया

उत्तर नारी डेस्क

उत्तराखण्ड पुलिस ने एक बार फिर डिजिटल पुलिसिंग और न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau – NCRB) द्वारा प्रकाशित CCTNS / ICJS प्रगति डैशबोर्ड रिपोर्ट की मासिक रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य पुलिस की तकनीकी दक्षता, तेजी से नई प्रणालियों को अपनाने की क्षमता और प्रदेश के सभी जिलों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ICJS 2.0 को वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत राज्यों को पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। उत्तराखण्ड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिकांश मॉड्यूल्स का समय से पूर्व एकीकरण पूरा कर लिया है।

वर्तमान में जारी की गई ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड को 93.46 अंक प्राप्त हुए हैं। इस रैंकिंग में हरियाणा 93.41 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे तथा असम 93.16 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

ICJS 2.0 के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सभी जिलों में इसके प्रमुख मॉड्यूल्स को सफलतापूर्वक एकीकृत किया है, जिससे केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रियाएँ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समन्वित हो सकी हैं। पुलिस अधिकारियों के व्यापक प्रशिक्षण ने जांच और अभियोजन कार्य को गति दी है। इसके अतिरिक्त “One Data, One Entry” की अवधारणा के अनुरूप CCTNS, e-Courts, e-Prisons सहित विभिन्न प्रणालियों का सुदृढ़ समन्वय स्थापित किया गया है।

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