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कोटद्वार: कारगिल विजय दिवस से पूर्व वीर सैनिक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को किया नमन

उत्तर नारी डेस्क 


कोटद्वार विधानसभा के दुर्गापुर स्थित हल्दी हाथ वेडिंग प्वाइंट में 19 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखण्ड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण के सौजन्य से वीर सैनिक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तथा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी जनों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल द्वारा लिखित पुस्तक "कण्वाश्रम (भरत से भारतवर्ष)" का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखण्ड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कारगिल के वीरों का शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा, "मैं एक सैनिक की बेटी हूं। बचपन से ही मैंने अपने पिता से अनुशासन, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के संस्कार प्राप्त किए हैं। सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, समर्पण एवं संघर्ष को मैंने बहुत निकट से देखा और समझा है। इसलिए पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों का सम्मान मेरे लिए केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि गर्व, सम्मान और भावनात्मक दायित्व का विषय है।"

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने प्रत्येक युद्ध में अदम्य पराक्रम का परिचय देकर देश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। पूर्व सैनिकों का अनुभव समाज और युवा पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर है तथा ऐसे सम्मान समारोह युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव जागृत करने का सशक्त माध्यम हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच आने का अवसर मिलता है, वह स्वयं को मंत्री नहीं बल्कि एक भाई और बेटे के रूप में उनके बीच पाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में सैन्य पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के डीएनए में देशभक्ति बसती है और देवभूमि ने देश को सर्वाधिक वीर सैनिक दिए हैं। राज्य का लगभग 17.5 प्रतिशत सैन्य योगदान इसकी गौरवशाली परंपरा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए वन रैंक-वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भी शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि, वीरता पुरस्कारों की सम्मान राशि बढ़ाने, शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आवेदन अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं, बल्कि देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करने का दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने सदैव राष्ट्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से सैनिकों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, लेफ्टिनेंट जनरल जी. एस. नेगी, जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट गढ़वाली, मेयर कोटद्वार शैलेन्द्र सिंह रावत, कर्नल जे पी ध्यानी, दर्जाधारी राज्य मंत्री राजेन्द्र अंथवाल, इफको चेयरमैन उमेश त्रिपाठी, सुमन कोटनाला, विपिन कैंथोला, भाजपा मंडल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, प्रेम खंतवाल, आशीष रावत, प्रदीप बलूनी, सतीश देवरानी, प्रमोद केष्टवाल, सुदर्शन सिंह, शैलेंद्र रावत, दीपक रावत, विनोद चौधरी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि, एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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