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कालागढ़ टाइगर रिजर्व में मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

उत्तर नारी डेस्क

कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैन्सडौन की अदनाला रेंज के अन्तर्गत स्थुवाढाव स्थित वन विश्राम भवन में 23 सितंबर से 24 सितंबर तक दो दिवसीय मानव वन्य जीव संघर्ष प्रबन्धन सम्बन्धी कार्यशाला का आयोजन तरूण एस०, उप वन संरक्षक, कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैन्सडौन के दिशा-निर्देशन में किया गया। कार्यशाला के शुभारम्भ पर सुश्री रूपा रानी, वन क्षेत्राधिकारी, अदनाला रेंज द्वारा विभिन्न रेंजों से आये वन कर्मियों एवं डब्लू०डब्लू०एफ० से आये अधिकारियों का स्वागत किया गया। 

कार्यशाला की शुरआत में डब्लूडब्लू०एफ० के वी०एस०तोमर द्वारा मानव वन्य जीव संघर्ष की ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डाला तथा अपना सम्पूर्ण अनुभव साझा किया। बाद में डा०बोप्पना, सीनियर कोरडिनेट (डब्लू०डब्लू०एफ०) द्वारा मानव वन्य जीव संघर्ष के सम्बन्ध में स्टॉफ को गहन जानकारी दी गई। डा० बोग्पना द्वारा ईको सिस्टम में बाघ की भूमिका मानव वन्य जीव संघर्ष के कारणों पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा फील्ड क्राफ्ट, वन्य जीवों के व्यवहार को किस तरह पहचाना बताया गया डा० बोप्पना द्वारा मानव वन्य जीव संघर्ष के सम्बन्ध में स्टाफ से कई सवाल किये गये तथा स्टॉफ द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये गये। 

डा० बोप्पना द्वारा बिल्ली प्रजाति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा यह भी बताया गया कि ड्रोन जैसी नई तकनीकों का उपयोग करके मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम कर सकते हैं। साथ ही साथ स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित कर मानव वन्य जीव संघर्ष से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यून कर सकते हैं। कार्यशाला में विभिन्न रेंजों (पलैन, अदनाला, मैदावन, मंदाल) से आये वन कर्मियों, वन विभाग की अधिकारी सुश्री शिप्रा वर्मा, उप प्रभागीय वनाधिकारी, अदनाला उप प्रभाग, लैन्सडौन, सुश्री रूपा रानी, वन क्षेत्राधिकारी, अदनाला रेंज, कृति नेगी, वन क्षेत्राधिकारी, मैदावन रेंज सहित कुल 35 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला का सम्पूर्ण आयोजन डब्लू०डब्लू०एफ० द्वारा किया गया।

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