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उत्तराखण्ड: जाने कब तक आएगी वोटर्स की फाइनल लिस्ट

उत्तर नारी डेस्क 

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। निर्वाचन विभाग ने सोमवार रात 12 बजे SIR के तहत मतदाता सूची से जुड़े डेटा को फ्रीज कर दिया है। इसके साथ ही अब विभाग अंतिम मतदाता सूची को तैयार करने में जुट गया है। प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

SIR के दौरान बड़ी संख्या में नए मतदाताओं ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया, जबकि पहले से सूची में शामिल नामों को लेकर भी दावे और आपत्तियां दर्ज कराई गईं। पूरी प्रक्रिया के बाद प्रदेश की मतदाता सूची में करीब डेढ़ लाख नए मतदाताओं के जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।


3 अक्टूबर को साफ होगी उत्तराखंड के मतदाताओं की पूरी तस्वीर

14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में उत्तराखंड में कुल 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद SIR प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग ने बड़ी संख्या में मतदाताओं को ऑटो-जनरेटेड नोटिस जारी किए।

आयोग की ओर से कुल 24 लाख 30 हजार 387 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद दावे, आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। राजनीतिक दलों से मिली जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान करीब 97 हजार 173 ऐसे मतदाता सामने आए जो सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए या उनके परिजनों से भी संपर्क नहीं हो पाया।

अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम आंकड़ों को कंपाइल किया जा रहा है। 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश में कुल कितने मतदाता रह गए हैं और कितने नए मतदाता सूची में शामिल हुए हैं।


SIR में नए मतदाताओं ने बड़ी संख्या में किया आवेदन

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म-06 के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।


प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

करीब 1 लाख 66 हजार 639 फॉर्म-06 आवेदन प्राप्त हुए।

इनमें से लगभग 1 लाख 26 हजार आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं।

करीब 25 हजार आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।

लगभग 15 हजार 500 आवेदन निरस्त किए गए हैं।

इससे साफ है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नागरिकों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया, जो पहले मतदाता सूची में शामिल नहीं थे।


फॉर्म-07 से आईं करीब 1.82 लाख आपत्तियां

SIR के दौरान मतदाता सूची में शामिल नामों को लेकर भी बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इसके लिए फॉर्म-07 का इस्तेमाल किया गया।

आंकड़ों के मुताबिक, फॉर्म-07 के जरिए करीब 1 लाख 82 हजार आपत्तियां प्राप्त हुईं। जांच के बाद इनमें से करीब 89 हजार आपत्तियां गलत पाई गईं और उन्हें खारिज कर दिया गया।

वहीं, करीब 88 हजार 811 लोगों के नाम मतदाता सूची में बरकरार रहेंगे।

जांच और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया के बाद करीब 91 हजार अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।

यहां यह समझना जरूरी है कि मतदाता सूची से किसी नाम के हटने का मतलब हमेशा के लिए मतदान का अधिकार समाप्त होना नहीं है। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।


नाम कटने के बाद दोबारा कैसे जुड़ सकता है नाम?

निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारण से अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है या जिनका नाम सूची से हट गया है, वे 3 अक्टूबर के बाद फॉर्म-06 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके लिए ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ बीएलओ (Booth Level Officer) की मदद भी ली जा सकती है।

इसलिए यदि किसी नागरिक का नाम अंतिम सूची में नहीं दिखाई देता है, तो उसे घबराने के बजाय निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।


नाम, पता या अन्य जानकारी में बदलाव के लिए भी आवेदन

SIR के दौरान केवल नए मतदाताओं के नाम जोड़ने या पुराने नाम हटाने की प्रक्रिया ही नहीं हुई, बल्कि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को सही करने के लिए भी आवेदन प्राप्त हुए।


इसके लिए फॉर्म-08 के तहत करीब 64 हजार आवेदन मिले।


इनमें:


लगभग 49 हजार आवेदन स्वीकार किए गए।


करीब 9,500 आवेदन लंबित हैं।


लगभग 5,500 आवेदन निरस्त किए गए।

फॉर्म-08 के जरिए मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन किया जाता है।


राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में SIR के तहत अब तक हुई कार्रवाई और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई।

डॉ. जोगदंडे के अनुसार, प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 28 सितंबर की रात 12 बजे तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद अंतिम डेटा तैयार किया जाएगा और 3 अक्टूबर को उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।


SIR के प्रमुख आंकड़े एक नजर में

प्रक्रिया आंकड़ा

14 जुलाई की ड्राफ्ट मतदाता सूची 71,33,785 मतदाता

ऑटो-जनरेटेड नोटिस 24,30,387

अनुपस्थित/परिजनों से संपर्क न हो पाने वाले 97,173

फॉर्म-06 आवेदन 1,66,639

फॉर्म-06 स्वीकार करीब 1,26,000

फॉर्म-06 लंबित करीब 25,000

फॉर्म-06 निरस्त करीब 15,500

फॉर्म-07 आपत्तियां करीब 1,82,000

गलत पाई गई आपत्तियां करीब 89,000

सूची में बने रहने वाले लोग 88,811

हटाए जाने वाले अपात्र नाम करीब 91,000

फॉर्म-08 आवेदन करीब 64,000

फॉर्म-08 स्वीकार करीब 49,000

फॉर्म-08 लंबित करीब 9,500

फॉर्म-08 निरस्त करीब 5,500


करीब डेढ़ लाख नए मतदाता जुड़ने का अनुमान

SIR प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के लिए प्राप्त आवेदनों और अब तक स्वीकार किए गए आवेदनों को देखते हुए प्रदेश में करीब डेढ़ लाख नए मतदाता जुड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

हालांकि, अंतिम संख्या अभी तय नहीं मानी जा सकती, क्योंकि कुछ आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं और अंतिम मतदाता सूची तैयार होने के बाद ही नए मतदाताओं की वास्तविक संख्या सामने आएगी।

इसी तरह, दूसरी ओर अपात्र या सत्यापन में मानदंड पूरा नहीं करने वाले मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं। इसलिए अंतिम मतदाता संख्या केवल नए नाम जुड़ने पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि हटाए गए नामों और संशोधनों का भी उस पर प्रभाव पड़ेगा।


डेटा फ्रीज होने के बाद अब क्या होगा?

SIR के तहत डेटा फ्रीज होने के बाद निर्वाचन विभाग का मुख्य काम अब अंतिम डेटा को व्यवस्थित और सत्यापित करके प्रकाशित करना है।


इसके तहत:


दावे और आपत्तियों के निस्तारण का अंतिम चरण पूरा किया जाएगा।


स्वीकृत और निरस्त आवेदनों का डेटा कंपाइल किया जाएगा।


मतदाता सूची में जोड़े गए नए नामों को शामिल किया जाएगा।


अपात्र पाए गए नामों को हटाया जाएगा।


नाम, पता और अन्य विवरणों में स्वीकृत संशोधन किए जाएंगे।


अंतिम डेटा तैयार होने के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।


मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद प्रत्येक नागरिक के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उसका नाम मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं। खासकर उन लोगों को अंतिम सूची जरूर जांचनी चाहिए जिन्होंने SIR के दौरान नया नाम जोड़ने, नाम में संशोधन या किसी अन्य बदलाव के लिए आवेदन किया था।

यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-06 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है।


ऑनलाइन और BLO के माध्यम से आवेदन की सुविधा

निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह गया है, वे ECI-Net के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क करके भी फॉर्म-06 भरने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

इसका मतलब यह है कि 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया बंद नहीं होगी।


निष्कर्ष

उत्तराखंड में SIR के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण पूरा किया जाना है और 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

14 जुलाई की ड्राफ्ट सूची में शामिल 71.33 लाख से अधिक मतदाताओं के बाद SIR के दौरान नए मतदाताओं के आवेदन, नाम हटाने से जुड़ी आपत्तियां और विवरण संशोधन के हजारों आवेदन सामने आए हैं।

अब सभी की नजर 3 अक्टूबर की फाइनल वोटर लिस्ट पर है। इसी सूची के सामने आने के बाद उत्तराखंड में कुल मतदाताओं की वास्तविक संख्या और SIR के बाद हुए बदलाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।

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