उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखण्ड में प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राज्य आपदा मोचन निधि से स्वीकृत इस बजट में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15-15 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने निर्माण कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सभी जिलों को बजट खर्च करने के निर्देश
शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को आवंटित धनराशि का जल्द से जल्द उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे ने इस संबंध में अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विद्यालय भवनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
इस बजट से आपदा में क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों, चारदीवारी, खेल मैदान, शौचालय और अन्य शैक्षणिक परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रभावित विद्यालयों को जल्द सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने योग्य बनाना है।
प्राथमिक विद्यालयों के लिए जिलावार बजट आवंटन
प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जिलों को सवा-सवा करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
वहीं, हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर जिलों को एक-एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि दी गई है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी इन्हीं जिलों में समान धनराशि आवंटित की गई है।
मार्च 2027 तक पूरा करना होगा निर्माण कार्य
शिक्षा महानिदेशालय ने सभी सीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरे कराएं। इसके साथ ही खर्च की गई धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र मार्च 2027 तक महानिदेशालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण कर उन्हें सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए जिलावार कुल 30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
मंत्री के अनुसार, अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित विद्यालयों को जल्द से जल्द पूर्ववत स्थिति में लाया जा सके।
सरकार की इस पहल से आपदा प्रभावित विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।




