उत्तर नारी डेस्क
देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल सोमवार (19 अक्टूबर) को कांग्रेस में शामिल हो गए। कुछ दिन पहले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा दिया था। उनके भाजपा छोड़ने के बाद से ही अगली सियासी पारी को लेकर चर्चाएं तेज थीं। अब कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है।
रामशरण नौटियाल ने सोमवार दोपहर 12 बजे कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय सचिव कुमारी शैलजा, उत्तराखण्ड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया और उनके आने को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस से शुरू किया था राजनीतिक सफर
रामशरण नौटियाल की राजनीतिक पारी की शुरुआत कांग्रेस से ही हुई थी। वह उत्तराखण्ड कांग्रेस में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में चकराता सीट से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
चकराता विधानसभा क्षेत्र में रामशरण नौटियाल का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके कांग्रेस में लौटने को उत्तराखण्ड की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद क्या बोले रामशरण नौटियाल?
कांग्रेस में शामिल होने के बाद रामशरण नौटियाल ने कहा कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए किसी तरह की शर्त नहीं रखी है। उनका उद्देश्य कांग्रेस के लिए काम करना है।
उन्होंने कहा, "पार्टी मेरे बारे में क्या सोचती है, मैं इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता। मैंने पार्टी के लिए यह सोचा कि मैं पार्टी ज्वाइन करूं और कांग्रेस के लिए काम करूं। न मैंने कोई कमिटमेंट लिया है। मैंने कमिटमेंट दिया है कि मैं पूरी तरह से पार्टी के लिए काम करूंगा।"
उनके इस बयान से स्पष्ट है कि उन्होंने फिलहाल पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर किसी तरह की मांग या शर्त रखने की बात नहीं कही है। उन्होंने कांग्रेस के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
भाजपा में घुटन महसूस कर रहे थे रामशरण नौटियाल: कुमारी शैलजा
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने पर एआईसीसी की राष्ट्रीय सचिव कुमारी शैलजा ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नौटियाल कांग्रेस में पहले भी उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने किन्हीं कारणों से कांग्रेस छोड़ी थी, लेकिन भाजपा में वहां की कार्यशैली देखने के बाद उनका मन दोबारा कांग्रेस में आने का हुआ।
कुमारी शैलजा ने कहा, "आज का दिन उन लोगों के लिए है, जिनका दिल साफ है और जिनके मन में पीड़ा होती है। नौटियाल जी कांग्रेस में उपाध्यक्ष और महासचिव रह चुके हैं। पीछे उन्होंने किन्हीं भी वजहों से कांग्रेस छोड़ी, लेकिन जब वहां की कार्यशैली देखी तो इनका वापस कांग्रेस में आने का मन हुआ।"
उन्होंने आगे कहा कि रामशरण नौटियाल मन मारकर भाजपा में गए थे और अब राहुल गांधी को देखकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। शैलजा के मुताबिक, भाजपा में उन्हें घुटन महसूस हो रही थी और वहां के माहौल व कामकाज से उनका मन खिन्न हो गया था।
रामशरण नौटियाल के आने से कांग्रेस होगी मजबूत: गणेश गोदियाल
उत्तराखण्ड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी रामशरण नौटियाल का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके कांग्रेस में आने से संगठन को मजबूती मिलेगी।
गणेश गोदियाल ने कहा, "आज एक महत्वपूर्ण साथी कांग्रेस पार्टी के साथ आए हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। इनका प्रभाव केवल देहरादून में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में काफी है। उनके आने से कांग्रेस पार्टी और मजबूत होगी।"
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी ऐसे समय हुई है, जब भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब कांग्रेस में शामिल होने के बाद उत्तराखण्ड की राजनीति में उनकी आगामी भूमिका पर नजर रहेगी।




