उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखण्ड के पहाड़ों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के बच्चे अपनी मेहनत और काबिलियत से लगातार नई पहचान बना रहे हैं। ऐसी ही एक होनहार खिलाड़ी हैं श्रीनगर गढ़वाल की सनाया भंडारी, जिन्होंने महज 12 साल की उम्र में तीरंदाजी के मैदान में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सनाया ने टिहरी गढ़वाल में आयोजित 9वीं सीनियर स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप में तीन पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। अब उनका चयन नवंबर में मेघालय के शिलांग में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
सीनियर खिलाड़ियों के बीच सनाया ने जीते तीन पदक
17 और 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल में आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में करीब 130 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में पुलिस, सेना और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े खिलाड़ियों सहित कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
इस प्रतियोगिता में 12 साल की सनाया भंडारी ने भी सीनियर वर्ग में हिस्सा लिया और अपने शानदार निशाने से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने प्रतियोगिता में दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए।
सनाया ने रैंकिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस मुकाबले में उन्होंने अल्मोड़ा की एक डॉक्टर खिलाड़ी को हराकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके अलावा व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य और मिक्स टीम मुकाबले में रजत पदक हासिल किया।
कोच कुलदीप बिष्ट के मार्गदर्शन में मिली सफलता
सनाया की इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत के साथ कोच कुलदीप बिष्ट का मार्गदर्शन भी अहम है। नियमित अभ्यास और निशानेबाजी की तकनीक में सुधार के जरिए सनाया लगातार अपने खेल को बेहतर बना रही हैं।
कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करना आसान नहीं होता, लेकिन सनाया ने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुकी हैं दम
सनाया भंडारी देहरादून के सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में कक्षा 8वीं की छात्रा हैं। तीरंदाजी में यह उनकी पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं।
हाल ही में आयोजित सीबीएसई नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में सनाया ने 30 मीटर इंडियन राउंड के व्यक्तिगत मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप के अंडर-14 वर्ग में उन्होंने दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे।
जून 2025 में नैनीताल में हुई राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी सनाया ने रजत पदक जीता था। इसके अलावा वह मार्च 2025 में आंध्र प्रदेश और नवंबर 2025 में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
माता-पिता का सहयोग भी बना ताकत
सनाया की सफलता में उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी मां आरती भंडारी श्रीनगर नगर निगम की महापौर हैं, जबकि उनके पिता लखपत सिंह भंडारी पूर्व जिला पंचायत सदस्य और श्रीनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनकी मां बेटी के खेल और अभ्यास के लिए समय निकालती हैं। वहीं, उनके पिता भी सनाया को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। परिवार के सहयोग और कोच के मार्गदर्शन से सनाया लगातार अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं।
अब शिलांग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर नजर
राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने के बाद सनाया का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना है। नवंबर में मेघालय के शिलांग में होने वाली इस प्रतियोगिता में वह उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी।
महज 12 साल की उम्र में सीनियर वर्ग में अपनी पहचान बनाना सनाया के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफलता प्रदेश के उन बच्चों के लिए भी प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
सनाया की मेहनत, परिवार का सहयोग और कोच का मार्गदर्शन उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। अब सभी की नजरें शिलांग में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर हैं, जहां सनाया एक बार फिर अपनी प्रतिभा दिखाने उतरेंगी।




