उत्तर नारी डेस्क
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इन पंक्तियों को साबित कर दिखाया है उत्तराखण्ड की एक बेटी ने। आज उत्तराखण्ड की जिस बेटी के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, उन्होंने भारतीय सेना में अपनी भागीदारी दर्ज कर प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। यह सच है कि अगर मन में कुछ करने की ठान लो तो कोई भी चीज़ नामुमकिन नहीं है। ये ऊधमसिंह नगर जिले की होनहार बेटी अनामिका सागर ने चार वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर 10 मार्च को पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बनकर कर दिखाया है। बता दें कि उनको पठानकोट स्थित आर्मी अस्पताल में अपनी पहली तैनाती मिली है। अब वे सेना में अफसर बनकर सेवाएं देंगी।
आपको बता दें कि काशीपुर की अनामिका सागर का सिलेक्शन सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हो गया है। उसके बाद से ही उनके परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है। जी हां, अनामिका सागर मूल रूप से ग्राम बरखेड़ा काशीपुर की निवासी हैं। बता दें कि अनामिका सागर के पिता सुभाष चंद्र जीआरपी काशीपुर में एएसआई हैं। उनके माता-पिता की आंखों में अपनी बेटी को लेकर गर्व साफ तौर पर देखा जा सकता है।
आपको बता दें कि उन्होंने 4 साल तक कठिन प्रशिक्षण किया और अपनी मेहनत और लगन से 4 साल की कठिन ट्रेनिंग पूरी की। 10 मार्च को पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बनी है। 2016 में उनका आर्मी कमांड हॉस्पिटल लखनऊ के लिए नर्सिंग ऑफिसर के लिए चयन हुआ था।

