उत्तर नारी डेस्क
जब उसे यानि खच्चर को भी आभास हो गया कि इन लोगों द्वारा उसकी इस अनचाही समस्या का समाधान किया जा रहा है तो उसके द्वारा भी सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए यानि बिल्कुल शान्त रहते हुए इस पूरी प्रक्रिया यानि लोटे को निकाले जाने तक शान्ति बनाये रखी गयी। जैसे ही खच्चर के पैर से लोटा निकला, निकटवर्ती पशु चिकित्सालय से आवश्यक दवाई इत्यादि का प्रबन्ध करने के उपरान्त खच्चर को छोड़ा गया पहले तो वह धरती में खूब लोट पोट हुआ तदोपरान्त चेतक सी चाल भरते हुए वहां से न जाने कहां को भाग गया। श्री केदारनाथ धाम आजकल हो रही बारिश के साथ-साथ अत्यधिक कोहरा भी लग रहा है। कोहरे के कारण यह खच्चर इन मददकर्ताओं की नजरों से ओझल हो गया। खैर इस छोटी सी मदद से काफी राहत महसूस कर रहा होगा वो अब।
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