उत्तर नारी डेस्क
अब तो स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहने में भी शर्म आने लगी हैं। बच्चों के भविष्य की नीव रखने वाला स्कूल वर्तमान में कई बुरे हालातो का सामना कर रहा हैं। सरकार चाहे गाँव के कोने कोने में कितनी भी स्कूले खोल ले, लेकिन जब तक उस स्कूल को चलाने वाला प्रशासन और शिक्षक अपना काम इमानदारी से नहीं करेंगे तब तक कई बच्चों का भविष्य बर्बाद होता रहेगा। प्राइवेट स्कूल तो एक बार फिर भी ठीक हैं लेकिन सरकारी स्कूलों की खराब हालत किसी से छुपी नहीं हैं। बता दें, एक बार फिर से शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है।
जहां पौड़ी जिले के विकास खंड कोट स्थित एक विद्यालय में सेवारत शिक्षक के नशे की हालत में स्कूल आने का मामला सामने आया है। जिस पर शिक्षक गुस्सा कर रहे हैं।
बता दें, बीते सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ। जहां वीडियो में कोट ब्लाॅक के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय राणाकोट में सेवारत एक शिक्षक की एक ग्रामीण से बातचीत हो रही है। जिसमें ग्रामीण शिक्षक के नशे में स्कूल आने पर कड़ी नाराजगी जता रहा है। ग्राम कोटा निवासी अरविंद सिंह चंद व चमोली गांव निवासी शिशुपाल पंवार ने बताया कि रापूमावि राणाकोट में सेवारत एक शिक्षक लंबे समय से शराब के नशे में स्कूल आ रहा है। यह शिक्षक देर से स्कूल आता है और समय से पहले घर चला जाता है। साथ ही इनका व्यवहार बच्चों, स्टाफ व ग्रामीणों के प्रति खराब है।
उन्होंने बताया कि जिस शिक्षक के हाथ में नौनिहालों के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी है। वहीं शिक्षक बच्चों के सामने हर दिन शराब के नशे में स्कूल आ रहे हैं। जिसका बच्चों के शैक्षणिक वातारण व व्यक्तित्व विकास पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को मामले में जल्द कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। जल्द कार्रवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीण आंदोलन को मजबूर हो जाएंगे।
वहीं, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी नागेंद्र बर्त्वाल ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मामले में बीईओ कोट से तत्काल रिपोर्ट तलब की गई है। प्रभारी सीईओ बर्त्वाल ने बताया कि रिपोर्ट मिलने पर मामले में तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।