उत्तर नारी डेस्क
बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बच्चों को सुरक्षित भविष्य की दिशा में जागरूक करने के उद्देश्य से श्रीनगर स्थित सेम्फोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल में बाल जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में सिविल जज श्रीनगर (जू.डि.) अल्का ने बच्चों से संवाद करते हुए न्यायपालिका की भूमिका, बाल-अनुकूल न्याय प्रणाली तथा कानून द्वारा बच्चों को प्रदान की जा रही सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यायालय बच्चों की सुरक्षा एवं गरिमा के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा किसी भी प्रकार के शोषण, भय या अन्याय की स्थिति में कानून बच्चों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति में डरने, सहने या चुप रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि विश्वास के साथ उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी/जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संवेदनशील, व्यावहारिक एवं विश्वास जगाने वाले उत्तर दिए गए, जिससे बच्चों में जागरूकता के साथ-साथ आत्मबल का भी विकास हुआ।
कार्यक्रम के उपरांत विद्यालय के शिक्षकों के साथ एक विशेष संवाद/ब्रेन-स्टॉर्मिंग सत्र भी आयोजित किया गया। आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 250 बच्चों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष बार एसोसिएशन श्रीनगर प्रवेश जोशी, एडवोकेट भूपेंद्र पुंडीर, सामाजिक कार्यकर्ता सूरज कुमार, संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई प्रज्ञा नेगी, काउंसलर चाइल्ड हेल्पलाइन अमन, केस वर्कर चाइल्ड हेल्पलाइन शकुंतला नयाल सहित अन्य संबंधित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

