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पौड़ी गढ़वाल : DM ने दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर परखी व्यवस्थाएं, किया त्वरित समाधान

 उत्तर नारी डेस्क


जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासन की संवेदनशील और सक्रिय उपस्थिति का परिचय देते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखंड नैनीडांडा, बीरोंखाल एवं थलीसैंण का तीन दिवसीय भ्रमण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने न केवल क्षेत्र में रात्रि विश्राम किया, बल्कि गांवों में समय बिताकर लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और अपेक्षाओं को नजदीक से समझा।

इस जमीनी प्रवास का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ विकास योजनाओं की वास्तविक प्रगति को परखना था। जिलाधिकारी ने तहसीलों की कार्यप्रणाली एवं राजस्व व्यवस्था की समीक्षा की तथा पटवारियों के साथ बैठक कर फील्ड स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की। विभिन्न विकास योजनाओं की धरातल पर स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच और प्रभावशीलता का आकलन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता का पैमाना केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव है।

भ्रमण के दौरान जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में जिलाधिकारी ने स्वयं प्रतिभाग कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सुनी गईं, जिनमें से कई का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि शेष मामलों में स्पष्ट कार्ययोजना और समय-सीमा तय की गयी। 

जिलाधिकारी ने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं जैसे बायो-फ्लॉक टैंक, आलू बीज फार्म, पीरुल प्लांट आदि का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी वास्तविक प्रगति का जायज़ा लिया। इस दौरान धरातल पर योजनाओं के विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गयी तथा समग्र विस्तार योजना को चरणबद्ध और समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यकतानुसार सभी जरूरी संसाधन और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और अधिक सृजित हो सकें।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अस्पतालों का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि भौगोलिक कठिनाइयां सेवा में बाधा नहीं बननी चाहिए और इसके लिए विभागीय समन्वय सबसे जरूरी है।

जिलाधिकारी के तीन दिवसीय जमीनी प्रवास ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों में रहकर जनता के बीच समाधान तलाशता है। ग्रामीणों ने इस प्रत्यक्ष संवाद का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि सीधा जनसंवाद ही प्रभावी शासन की ताकत है, और दूरस्थ क्षेत्रों का संतुलित विकास तथा जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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