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मां पूर्णागिरि मेले का CM धामी ने किया विधिवत भव्य शुभारंभ

 उत्तर नारी डेस्क 


शुक्रवार 27 फरवरी को कुमाऊं मंडल में सबसे अधिक अवधि तक संचालित होने वाला उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नें पूजा अर्चना कर फीता काटकर विधिवद भव्य शुभारंभ किया इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ भारत सरकार के मंत्री व सांसद अजय टम्टा भी मौजूद रहे। मंदिर समिति और जिला पंचायत सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री धामी का भव्य स्वागत किया गया। इस इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय कि छात्राओं नें महिषासुर मर्दिनी स्रोत की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुक्तद किया। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले को टोटल 74.55 करोड़ के विकास योजना की सौगात दी। उन्होंने मां पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन के अवसर पर पांच योजनाओं का लोकार्पण और चार महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ का आशीर्वाद उत्तराखंड वासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहे। उन्होंने उत्तराखंड की पवित्र भूमि को देवताओं का धाम बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा कि मेले का आयोजन ऐसे समय में होता है जब मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति स्वयं तीर्थयात्रियों का स्वागत करती है। मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प लेते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं  से सुसज्जित करने का लक्ष्य तय किया गया है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चम्पावत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति श्रद्धा सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि इसे एक आध्यात्मिक अनुभव बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन आने वाले श्रद्धालुओं हेतु आवागमन को सुगम बनाने के प्रयास करे तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए।

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी। पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके। इसके साथ ही, माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाना है, बल्कि पूरे चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना भी है।

इस सर्किट के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को धार्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना माँ पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सर्किट के अंतर्गत पूर्णागिरि धाम के साथ-साथ अन्य प्रमुख मंदिरों ऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और साहसिक गतिविधियों के केंद्रों को भी जोड़ा जाएगा। इस पहल से श्रद्धालु केवल माँ पूर्णागिरि धाम तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे। सरकार इस परियोजना को सफल बनाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क,संचार व्यवस्था,पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण, मल्टी-लेवल पार्किंग, और परिवहन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें।

टनकपुर में 38 वे राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगे है। बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आ रहे है। टनकपुर क्षेत्र श्रद्धा और साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा आने वाले वर्षों में मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कहीं अधिक गुना श्रद्धालु पहुंचेंगे। उस समय इंफ्रास्ट्रक्चर व व्यवस्था चाहिए इसलिए वर्तमान में भविष्य की दृष्टि से कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि मेला उद्घाटन अवसर पर छह मुख्य घोषणाएं की मुख्यमंत्री नें कहा की सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग का निर्माण किया जाएगा। कालीगूठ- पूर्णागिरि विभिन्न मेला स्थलों का सौंदर्यकरण का कार्य किया जाएगा। तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर सड़क मार्ग का निर्माण किया जाएगा।

मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा मंच-लेठी-वमनगांव-तरकुली-आवड़ा-सेम-चूका तक मोटर रोड का सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।

मां पूर्णागिरि के आंतरिक क्षेत्र का अनुसरण एवं विश्राम सेट एवं पुलिया निर्माण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो घोषणाएं आज इस अवसर पर की गई हैं जिला प्रशासन त्वरित रूप से इन घोषणाओं में बिना विलंब के कार्य करें। साथ ही उन्होंने मेला समिति को आश्वास्थ करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना व अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो यह हमारी कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर उन्हें भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें। पूरा मेला क्षेत्र तथा हमारा शहर स्वच्छ हो आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हो, जगह-जगह बने शौचालय साफ हो, धर्मशाला की स्थिति अच्छी हो।


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