उत्तर नारी डेस्क
साइबर ठगों द्वारा नये-नये विभिन्न प्रकार के तरीके अपनाकर आमजन मानस को साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है जैसे (फोन कॉल कर AI द्वारा आवाज बदलकर, पोर्टल के माध्यम से अच्छा फायदा दिलाने व ऑनलाइन सामान खरीदने, बिजनेस दिलाने के नाम पर, व्हाटसप पर लॉटरी, बिजली कनेक्शन काटने, टिकट बुकिंग कैंसिल कराने, होटल बुकिंग आदि के नाम पर), ई-मेल, लिंक भेजकर एवं सोशल साइट्स (फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम आदि) पर भिन्न-भिन्न प्रकार के लुभावने ऑफरों के लालच दिया जा रहा है, जिनमें से कई व्यक्ति लालच में आकर साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
इसी क्रम में अब साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर तीन करोड़ नौ लाख रुपये ठग लिए है। बुजुर्ग ने ठगों को पैसे देने के लिए अपनी एफडी तुड़वाई, शेयर बेचे और गहने तक गिरवी रख दिए।
आपको बता दें, पुलिस को दी शिकायत में 70 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि एक सितंबर 2025 को उन्हें एक कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी प्रदीप मिश्रा बताया। इसके बाद एक और व्यक्ति ने बात की। उसने खुद को आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। आरोप है कि इन्होंने बुजुर्ग को डराया कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग के 68 करोड़ रुपये के मामले से जुड़ा है। एक आरोपी ने उनके खाते में 68 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। उन्हें धमकी दी गई कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा और यदि किसी को बताया तो उनके बच्चों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
आरोपियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये पुलिस वर्दी और थाने जैसी पृष्ठभूमि दिखाकर डर का माहौल बनाया। महिला को हर घंटे सेफ एट होम संदेश भेजने, लाइव लोकेशन साझा करने, परिवार से बात न करने और चैट लॉक करने के निर्देश दिए गए। आरोपियों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का फर्जी दस्तावेज भेजकर कहा कि जांच पूरी होने पर पूरा पैसा लौटा दिया जाएगा। कार्रवाई के डर से महिला ने अलग-अलग बैंकों से कुल तीन करोड़ नौ लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि पैसे पूरे करने के लिए अपनी एफडी तोड़ी, गोल्ड लोन लिया और शेयर तक बेच दिए।
बताया कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क में थे, जिनमें एक नंबर अभी भी सक्रिय है। महिला ने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, सभी संदिग्ध खातों को तत्काल फ्रीज करने और उनका पैसा वापस दिलाने की अपील की है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नंबरों की कॉल डिटेल, आईपी लॉग और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है।
बुजुर्ग ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि एक सितंबर को उन्हें फोन आया था। इसके बाद करीब 60 दिन तक वह दहशत में रहीं। पहली बार नौ सितंबर को उन्होंने 27 लाख रुपये ट्रांसफर किए। पैसे देने का सिलसिला दो महीने तक चलता रहा। 30 अक्तूबर को आखिरी बार उन्होंने दो करोड़ 45 लाख रुपये दिए। इस तरह साइबर ठगों ने कुल तीन करोड़ नौ लाख रुपये ठग लिए।
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