उत्तर नारी डेस्क
विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की पहल जनपद पौड़ी गढ़वाल में सकारात्मक परिणाम दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन पर बालिका सह-शैक्षणिक विद्यालयों में शौचालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देते हुए जनपद के विभिन्न विकासखंडों के 51 विद्यालयों में सुधार कार्य प्रारम्भ किए जाएंगे। इसके लिए कुल सत्ताईस लाख छियालीस हजार पाँच सौ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान यह संज्ञान में आया कि कई विद्यालयों में शौचालय निर्मित तो हैं, किंतु आवश्यक मरम्मत के अभाव में वर्तमान में क्रियाशील नहीं रह गए हैं। छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वाेपरि रखते हुए विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाया गया है। इसके अंतर्गत जनपद के 11 विकासखंडों पौड़ी, कोट, खिर्सू, पोखड़ा, द्वारीखाल, कल्जीखाल, यमकेश्वर, थलीसैण, बीरोंखाल, पाबौ तथा एकेश्वर के कुल 51 राजकीय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण हेतु धनराशि स्वीकृत की गयी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता की आधारभूत सुविधाओं को पुनर्जीवित कर विद्यार्थियों के लिए एक स्वस्थ एवं सुरक्षित शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी द्वारा विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत 10 विद्यालयों हेतु पाँच लाख तीस हजार रुपये, कोट के 03 विद्यालयों हेतु दो लाख रुपये, खिर्सू के 01 विद्यालय हेतु चालीस हजार रुपये, पोखड़ा के 03 विद्यालयों हेतु एक लाख अस्सी हजार रुपये, द्वारीखाल के 11 विद्यालयों हेतु पाँच लाख छिहत्तर हजार पाँच सौ रुपये, कल्जीखाल के 05 विद्यालयों हेतु दो लाख बीस हजार रुपये, यमकेश्वर के 04 विद्यालयों हेतु दो लाख दस हजार रुपये, थलीसैंण के 02 विद्यालयों हेतु एक लाख रुपये, बीरोंखाल के 01 विद्यालय हेतु अस्सी हजार रुपये, पाबौ के 01 विद्यालय हेतु अस्सी हजार रुपये तथा एकेश्वर के 10 विद्यालयों हेतु पाँच लाख तीस हजार रुपये की धनराशि के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि कई विद्यालयों में शौचालयों की खराब स्थिति छात्राओं के लिए असुविधा का कारण बन रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए व्यापक स्तर पर मरम्मत कार्य स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनपद की प्रत्येक बालिका को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल न केवल स्वच्छता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने का भी सशक्त माध्यम है।
जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट ने बताया कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होते हैं। यदि विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ और गरिमापूर्ण होंगी, तभी छात्राएं आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगी। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य से अब विद्यालयों में स्वच्छता सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे छात्राओं की गरिमा, स्वास्थ्य एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।
अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों ने इस प्रयास को छात्राओं के हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। यह पहल स्वच्छ विद्यालय एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में जनपद में एक सफल उदाहरण बन रही है।
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