उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी स्थित विधानसभा भवन अब केवल विधायी कार्यवाही का केंद्र नहीं रहा, बल्कि राज्य की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की पहल पर विधानसभा परिसर में विभिन्न लोक-सांस्कृतिक विषयों पर आधारित पेंटिंग्स और पारंपरिक ‘रम्माण’ मुखौटे स्थापित किए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को गरिमामय सार्वजनिक स्थलों पर स्थान देना है। विधानसभा परिसर में सजी इन कलाकृतियों के माध्यम से राज्य की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम मिला है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की लोककला और संस्कृति हमारी पहचान की आधारशिला है। कलाकारों को मंच देना और उनकी कला को सम्मानित स्थान पर प्रदर्शित करना संस्कृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि एक महिला होने के नाते उनका कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति से विशेष लगाव है और वे चाहती हैं कि राज्य की परंपराएँ आने वाली पीढ़ियों तक सजीव रूप में पहुँचें।
इस पहल को संस्कृति संरक्षण और स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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