उत्तर नारी डेस्क
सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों में घटित हो रही अप्रिय एवं हिंसक घटनाओं की रोकथाम के लिए यह निर्णय लिया गया है।
जारी एसओपी के अनुसार, सरकारी कार्यालय परिसरों में आम नागरिकों के वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वीआईपी एवं दिव्यांगजनों के वाहनों को भी सघन जांच के उपरांत ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विशिष्ट व्यक्तियों के वाहनों को पूर्व अनुमति के आधार पर ही परिसर में प्रवेश मिल सकेगा।
प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर स्थापित किए जाएंगे तथा सभी आगंतुकों की अनिवार्य शारीरिक जांच की जाएगी। स्थायी एवं संविदा कर्मचारियों को पहचान पत्र धारण करना अनिवार्य होगा। दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने हेतु सुरक्षा चौकी पर फोटोयुक्त ‘नो-एंट्री’ पंजिका रखी जाएगी।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात के लिए पूर्व निर्धारित समय लेना अनिवार्य होगा। बिना अपॉइंटमेंट आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश द्वार से ही वापस कर दिया जाएगा। निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
कार्यालय परिसरों एवं कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अधिकारियों की डेस्क तथा रिसेप्शन काउंटर पर गुप्त साइलेंट पैनिक अलार्म स्थापित किए जाएंगे। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित क्षेत्र को तत्काल सील किया जाएगा तथा जांच निरीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
विभागाध्यक्षों को जन शिकायतों की सुनवाई हेतु समय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च जोखिम वाले कार्यालयों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट के लिए विभागीय सचिव के अनुरोध पर गृह सचिव द्वारा पुलिस मुख्यालय को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य सुरक्षित, अनुशासित एवं व्यवस्थित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है, जिससे सरकारी सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
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