उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखण्ड को यूँ ही वीरों की भूमि नहीं कहा जाता। देश की सेना में सबसे अधिक अधिकारी और जवान देने वाले राज्यों में उत्तराखण्ड हमेशा अग्रणी रहा है। प्रदेश के लगभग हर पाँचवें परिवार से एक सदस्य भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है। गर्व की बात यह है कि नई पीढ़ी भी इस गौरवशाली परंपरा को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही है।
इसी कड़ी में चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र के नायकगोठ निवासी कार्तिक सिंह ज्याला ने भी अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान कार्तिक सिंह ज्याला के कंधों पर भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए गए। यह गौरवपूर्ण क्षण देखने के लिए उनके माता-पिता भी समारोह में मौजूद रहे और बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साक्षी बने।
कार्तिक सिंह ज्याला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेंगलुरु से प्राप्त की, जहां से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय कर लिया था और लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर अपने इस सपने को साकार कर दिखाया।
पासिंग आउट परेड के इस गौरवपूर्ण अवसर पर उनके पिता रमेश सिंह ज्याला और माता बबीता ज्याला भी मौजूद रहे। कार्तिक ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, प्रेरणा और समर्थन को दिया।
कार्तिक के पिता रमेश सिंह ज्याला भारतीय सेना की एएमसी शाखा में सूबेदार के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता बबीता ज्याला दिल्ली के एक विद्यालय में शिक्षिका हैं।
कार्तिक की इस उपलब्धि से टनकपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें भी देश सेवा के लिए आगे बढ़ने का हौसला देगी।
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