उत्तर नारी डेस्क
पौड़ी गढ़वाल के पाबौ विकासखंड के ग्राम नाई की बेटी मानसी रतूड़ी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो आज हर युवा, खासकर पहाड़ की बेटियों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
पहाड़ की बेटी बनी सेना में अफसर
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों में पली-बढ़ी मानसी ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री गुरु रामराय स्कूल, पैठाणी से प्राप्त की, जहां से ही उनकी प्रतिभा, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखने लगा था। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपने सपने—भारतीय सेना में अधिकारी बनने—पर लगातार ध्यान केंद्रित रखा।
कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम
आगे चलकर मानसी ने कोलकाता से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया और कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया। यह मुकाम उनके अथक परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है।
परिवार का गर्व
मानसी के पिता राजेश रतूड़ी, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि मानसी बचपन से ही पढ़ाई में होनहार और अनुशासित रही है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और सच्ची मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। वहीं उनकी माता, जो गृहिणी हैं, ने भी बेटी की सफलता को पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि मानसी ने हर परिस्थिति में धैर्य और लगन के साथ अपने सपनों को साकार किया।
पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
मानसी की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। गांव की युवा प्रधान यामिका रतूड़ी सहित कई जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

