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पौड़ी में वनाग्नि पर सख्त कार्रवाई, जंगल में आग लगाते दो आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तर नारी डेस्क 

जनपद में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने पुलिस एवं फायर सर्विस की समस्त इकाइयों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जंगलों में आग लगने की प्रत्येक सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं नियंत्रण कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही वन संपदा, वन्यजीवों एवं पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाली आगजनी की घटनाओं में संलिप्त अराजक एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जनपद पुलिस एवं फायर सर्विस की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं तथा वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कदम उठा रही हैं।

इसी क्रम में 26 मई को उपवन क्षेत्राधिकारी सतपुली रेंज मदन सिंह नेगी द्वारा कोतवाली पौड़ी में सूचना दी गई कि, फल्दा वन पंचायत क्षेत्र में दो व्यक्तियों द्वारा जंगल में आग लगाई जा रही है। सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग व पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की तथा दोनों व्यक्तियों को जंगल में आग लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। प्रकरण राजस्व क्षेत्र से संबंधित होने के कारण कोतवाली पौड़ी में शून्य (Zero FIR) में अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण में आवश्यक साक्ष्य संकलन एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वन संपदा को क्षति पहुंचाने तथा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करने वाले ऐसे कृत्यों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

पुलिस एवं वन विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि जंगलों में आग लगाने जैसी घटनाओं से दूर रहें तथा ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते वन संपदा, पर्यावरण एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


गिरफ्तार अभियुक्तगण—

▪️ पवन कुमार (उम्र 38 वर्ष), निवासी- पटवालस्यू, जनपद पौड़ी गढ़वाल

▪️ महेंद्र सिंह (उम्र 56 वर्ष), निवासी- पटवालस्यू, जनपद पौड़ी गढ़वाल


पंजीकृत अभियोग

मुकदमा अपराध संख्या 01/26, धारा 33 भारतीय वन अधिनियम एवं धारा 326 BNS, पट्टी पटवालस्यू।

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