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सीता सर्किट को मिलेगा भव्य स्वरूप, DM ने फलस्वाड़ी में किया स्थलीय निरीक्षण

 उत्तर नारी डेस्क 



मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित सीता सर्किट परियोजना के तहत जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने गुरुवार को फलस्वाड़ी गांव पहुंचकर प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रस्तावित सीता सर्किट में सीता मंदिर के साथ-साथ रघुनाथ मंदिर, वाल्मीकि मंदिर एवं लक्ष्मण मंदिर को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एकीकृत कर एक समग्र आध्यात्मिक एवं पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के आर्किटेक्ट ने जिलाधिकारी को प्रस्तावित सीता सर्किट के लेआउट एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना का विकास स्थानीय पहाड़ी वास्तुकला एवं पारंपरिक स्वरूप को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में आधुनिक टाइल्स के स्थान पर स्थानीय पत्थर, लकड़ी एवं पठाल जैसी पारंपरिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान एवं प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे।

जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला, प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल), सार्वजनिक सुविधाएं तथा आकर्षक एवं भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण प्रस्तावित किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीणों ने मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की मांग रखी। पटवारी द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व में प्रस्तावित सड़क मार्ग के अंतर्गत कुछ निजी नापखेत भूमि आ रही है, जिसके कारण सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने से पूर्व भूमि का स्पष्ट चिन्हीकरण एवं संबंधित ग्रामीणों की सहमति आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए बीडीओ को निर्देशित किया कि कल ही संबंधित ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्रस्तावित सड़क के संरेखण (एलाइनमेंट), भूमि की स्थिति तथा निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाए, ताकि सभी प्रक्रिया शीघ्रता से प्रारंभ की जा सके और क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में प्रस्तावित संरचनाओं के लिए उपयुक्त स्थल चयन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सीता सर्किट को अधिक आकर्षक एवं धार्मिक दृष्टि से समृद्ध बनाने के लिए रघुनाथ मंदिर, वाल्मीकि मंदिर एवं लक्ष्मण मंदिर को भी इस सर्किट से जोड़ा जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक थीम आधारित साइनेज स्थापित किए जाएं, जिससे आगंतुकों को एक समग्र आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को पेयजल, शौचालय, विश्राम एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संस्कृति, पर्यटन, ग्रामीण निर्माण एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त बैठक आयोजित कर परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को प्रस्तावित सड़क के अलाइनमेंट का परीक्षण कर शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने सीता सर्किट के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मण मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक आधुनिक एमिनिटी सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रतीक्षालय, शेड, वॉशरूम तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। साथ ही पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।

स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने सड़क से मंदिर होते हुए गदेरे तक पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सीता सर्किट परियोजना का प्राक्कलन दो चरणों में तैयार किया जाए, ताकि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना का अंतिम डिजाइन एवं प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर प्रधान मीनाक्षी भट्ट, खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी, प्रभारी अधिकारी पुरातत्व अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, आर्किटेक्ट धीरेंद्र सिंह, पटवारी दुर्गेश सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। ‌

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