उत्तर नारी डेस्क
उत्तराखण्ड के क्षेत्रीय सिनेमा के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। गुजरात के एकता नगर, केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में गढ़वाली फीचर फिल्म ‘ढोली’ को फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।
फिल्म के निर्देशक दिनेश पुंडलिक भोंसले ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के साथ ‘ढोली’ ने न सिर्फ अपनी टीम को राष्ट्रीय पहचान दिलाई, बल्कि उत्तराखण्ड की गढ़वाली भाषा और लोक संस्कृति को भी देश के बड़े मंच पर पहुंचाया है।
गढ़वाली सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
‘ढोली’ को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार उत्तराखण्ड के क्षेत्रीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय भाषा, संस्कृति और पहाड़ की पृष्ठभूमि से जुड़ी फिल्म का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना राज्य के फिल्म जगत के लिए गौरव का विषय है।
पिछले कई दशकों से उत्तराखण्ड में क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण का सिलसिला जारी है। ऐसे में ‘ढोली’ की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान गढ़वाली सिनेमा के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।

