उत्तर नारी डेस्क
देवभूमि उत्तराखंड के युवा आज अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। शिक्षा, खेल, कला, संगीत और मनोरंजन समेत शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जहां उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी काबिलियत का परिचय न दिया हो। अब उत्तराखंड की प्रतिभा टेलीविजन के चर्चित म्यूजिक रियलिटी शो सा रे गा मा पा 2026 के मंच पर भी नजर आ रही है।
इसी कड़ी में नैनीताल जिले के हल्द्वानी से जुड़ी एक युवा संगीत प्रतिभा नीरज उप्रेती इन दिनों चर्चा में हैं। सा रे गा मा पा के मंच पर अपनी सुरीली आवाज का हुनर दिखाकर नीरज ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया पर उनकी प्रस्तुति से जुड़े वीडियो भी तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रहे हैं।
सा रे गा मा पा के मंच पर दिखी उत्तराखंड की लोक संस्कृति
19 और 20 सितंबर को प्रसारित शो के दूसरे एपिसोड में नीरज उप्रेती को हल्द्वानी, उत्तराखंड के प्रतिभागी के रूप में प्रस्तुत किया गया। उनकी प्रस्तुति में केवल गायन ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
नीरज की प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ छलिया नृत्य कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में पहाड़ की लोक संस्कृति का रंग भर दिया। इस प्रस्तुति के जरिए उत्तराखंड की संगीत और सांस्कृतिक विरासत को देश के बड़े टेलीविजन मंच पर सामने रखने का अवसर भी मिला।
अल्मोड़ा के बिल्खेल गांव से हल्द्वानी तक का सफर
नीरज उप्रेती मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत ब्लॉक के बिल्खेल गांव के रहने वाले बताए जाते हैं। वर्तमान में वह नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रहते हैं।
पहाड़ के एक गांव से निकलकर देश के चर्चित म्यूजिक रियलिटी शो के मंच तक पहुंचना नीरज के संगीत सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनकी टेलीविजन पर एंट्री के बाद उत्तराखंड के संगीत प्रेमियों के बीच भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
संगीत के साथ गिटार से भी है खास जुड़ाव
नीरज उप्रेती का जुड़ाव केवल गायन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह गिटार से भी जुड़े रहे हैं और हल्द्वानी में गिटार सिखाने का अनुभव रखते हैं। संगीत के प्रति उनकी इसी रुचि और निरंतर अभ्यास ने उन्हें सा रे गा मा पा जैसे बड़े मंच तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उत्तराखंड के लोगों की नजर अब आगे के सफर पर
सा रे गा मा पा 2026 में नीरज उप्रेती की एंट्री के बाद अब उत्तराखंड के लोगों की नजर उनके आगे के सफर पर टिकी हुई है। हल्द्वानी से लेकर अल्मोड़ा और प्रदेश के अन्य हिस्सों तक उनके समर्थक और संगीत प्रेमी उनकी आगामी प्रस्तुतियों का इंतजार कर रहे हैं।
नीरज उप्रेती की कहानी इस बात की भी मिसाल है कि छोटे शहरों और पहाड़ों से निकलने वाली प्रतिभाएं बड़े मंचों तक पहुंचकर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। आने वाले एपिसोड में नीरज का सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

