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उत्तराखण्ड: नई रेट लिस्ट के साथ 24 सितम्बर से शुरू होगी राफ्टिंग

 उत्तर नारी डेस्क


देहरादून: उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख आकर्षण रिवर राफ्टिंग का नया सीजन शुरू होने जा रहा है। ऋषिकेश और प्रदेश के अन्य राफ्टिंग स्थलों पर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 24 सितंबर 2026 से नदियों में व्यावसायिक राफ्टिंग गतिविधियां शुरू होंगी।

इससे पहले 23 सितंबर को ऋषिकेश के शिवपुरी में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से राफ्टिंग सीजन के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को लाइसेंस भी वितरित किए गए। इस बार सरकार ने राफ्टिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था, गाइड ट्रेनिंग और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है।


राफ्टिंग के लिए नए रेट तय, 

उत्तराखंड में राफ्टिंग सीजन 2026-27 शुरू, नए किराए जारी; सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं पर खास फोकस

1000 से 3500 रुपये तक किराया

नए सीजन के लिए अलग-अलग राफ्टिंग रूट के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है। पर्यटकों को रूट की दूरी और श्रेणी के आधार पर 1000 रुपये से लेकर 3500 रुपये तक भुगतान करना होगा।

फूल चट्टी से नीम बीच या खारास्रोत रूट को सबसे कम शुल्क वाली श्रेणी में रखा गया है। वहीं, लंबी दूरी वाले कौड़ियाला से नीम बीच रूट का शुल्क 3500 रुपये निर्धारित किया गया है।

राफ्टिंग पर जाने वाले पर्यटकों के लिए निर्धारित शुल्क और रूट की जानकारी पहले से उपलब्ध रहेगी, जिससे बुकिंग और यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।


राफ्टिंग फर्मों के लिए लाइसेंस व्यवस्था लागू

नए राफ्टिंग सीजन में गतिविधियों को निर्धारित नियमों के तहत संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग नियमावली 2014 के प्रावधानों के तहत पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को फिलहाल अस्थायी अनुमति दी गई है।

23 सितंबर से अगले 45 दिनों के लिए अस्थायी अनुज्ञा प्रदान की गई है। निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी शुल्क पूरा करने के बाद संबंधित फर्मों को स्थायी अनुज्ञा दिए जाने की व्यवस्था है।

इसका उद्देश्य राफ्टिंग गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और मानकीकृत तरीके से संचालित करना है।


गंगा के अलावा इन नदियों में भी राफ्टिंग की तैयारी

उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग का दायरा केवल गंगा नदी तक सीमित नहीं है। प्रदेश की कई अन्य नदियों में भी सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से राफ्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है।


इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:


गंगा


काली


टौंस


गोरी


कोसी


अलकनंदा


पिंडर


सरयू


रामगंगा


भागीरथी


धौलीगंगा

इससे राज्य के अलग-अलग पर्वतीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


700 राफ्टिंग गाइड्स को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइड्स की ट्रेनिंग पर भी फोकस किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से Hanifl Centre और Aerie Backcountry Medicine, USA के सहयोग से Wilderness First Aid और CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से करीब 700 राफ्टिंग गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाना है। इसका उद्देश्य गाइड्स को नदी में होने वाली आपात परिस्थितियों से निपटने और प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।

प्रशिक्षित गाइड्स की उपलब्धता से राफ्टिंग गतिविधियों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।


पर्यटकों के लिए विकसित होंगी नई सुविधाएं

राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बुनियादी ढांचे पर भी काम किया जा रहा है।

यूआईडीबी की ओर से पहले चरण में करीब 100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत राफ्टिंग क्षेत्र में पार्किंग, चेंजिंग रूम और ब्रीफिंग रूम जैसी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।

इन सुविधाओं के तैयार होने से राफ्टिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को यात्रा से पहले और बाद में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


डिजिटल होगा राफ्टिंग गाइड का सिस्टम

पर्यटन विभाग ने रिवर राफ्टिंग गाइड्स के लिए टूरिस्ट गाइड पोर्टल भी तैयार किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षित गाइड अपना डिजिटल प्रमाणन और पहचान पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

गाइड के प्रशिक्षण और कार्य से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। अब तक 300 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड्स इस पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं।

आने वाले समय में पर्यटकों को इसी प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशिक्षित गाइड्स से सीधे संपर्क करने और बुकिंग की सुविधा देने की तैयारी है।


स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

राफ्टिंग उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन उद्योग के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। नए सीजन के दौरान राफ्टिंग गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होटल, होमस्टे, परिवहन और अन्य पर्यटन सेवाओं में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

पर्यटन विभाग का लक्ष्य राफ्टिंग को केवल मनोरंजन गतिविधि के तौर पर नहीं, बल्कि सुरक्षित, व्यवस्थित और पेशेवर एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित करना है।


पर्यटकों में राफ्टिंग को लेकर उत्साह

नए राफ्टिंग सीजन के शुरू होने से पहले ही पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। ऋषिकेश लंबे समय से व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहा है।

नई रेट लिस्ट, प्रशिक्षित गाइड्स, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं के विकास के साथ इस सीजन में राफ्टिंग कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 24 सितंबर से शुरू होने वाला राफ्टिंग सीजन 2026-27 उत्तराखंड के एडवेंचर टूरिज्म के लिए अहम माना जा रहा है।

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