उत्तर नारी डेस्क
बता दें कि नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान ने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की झांकी में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब को सबसे आगे रखा जायेगा। इसके बाद विश्वप्रसिद्ध टिहरी डैम फिर ऐतिहासिक डोबरा चांठी पुल और इसके बाद मोक्षधाम भगवान बद्रीविशाल के मंदिर को दर्शाया जाएगा। वहीं, कुमाऊं सांस्कृतिक लोककला दर्पण लोहाघाट चंपावत के 16 लोगों का सांस्कृति दल झांकी के साथ चलता नजर आएगा। वहीं, गणतंत्र दिवस परेड पर कुल 12 राज्यों की झांकी शामिल हो रही है। इसमें देवभूमि उत्तराखण्ड की झांकी का चयन होना समस्त प्रदेश वासियों के लिए गौरव की बात है।
उत्तराखण्ड की ये झांकियां भी हो चुकी हैं शामिल
नोडल अधिकारी केएस चौहान ने बताया कि राज्य गठन के बाद से अब तक 12 बार वर्ष 2003 में फूलदेई, 2005 में नंदा राजजात यात्रा, 2006 में फूलों की घाटी, 2007 में कार्बेट नेशनल पार्क, 2009 में साहसिक पर्यटन, 2010 में कुंभ मेला, 2014 में जड़ी बूटी, 2015 में केदारनाथ धाम पुनर्निमाण, 2018 में ग्रामीण पर्यटन, 2019 में अनासक्ति आश्रम कौसानी, 2021 में केदारनाथ धाम की झांकी नजर आ चुकी हैं।
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